
रिपोर्टर: लाला उपाध्याय / लोकेशन: उच्चपिंडा/डभरा, जिला सक्ती
सक्ती जिले के डभरा विकासखंड अंतर्गत उच्चपिंडा क्षेत्र में स्थित आरकेएम पावरजेन प्लांट एक बार फिर विवादों में है। कंपनी पर आरोप है कि कोयला परिवहन के लिए रेलवे ट्रैक निर्माण के दौरान एक निस्तारी तालाब को मिट्टी डालकर पाटा जा रहा है। मामले की शिकायत जिला कलेक्टर तक पहुंच गई है, जिसके बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।



जानकारी के अनुसार निमोही ग्राम स्थित लोहार तालाब में आरकेएम पावरजेन के ठेकेदारों द्वारा रात के समय मिट्टी डालकर तालाब को पाटा जा रहा है। आरोप है कि रेलवे ट्रैक निर्माण के लिए तालाब के आधे से अधिक हिस्से को मिट्टी से भर दिया गया है। साथ ही पंप के माध्यम से तालाब का पानी भी निकाल दिया गया है।



स्थानीय किसानों का कहना है कि वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में उक्त भूमि तालाब के रूप में दर्ज है और यह क्षेत्र के ग्रामीणों तथा मवेशियों के लिए महत्वपूर्ण निस्तारी स्रोत रहा है। भीषण गर्मी के दौरान भी इस तालाब का पानी नहीं सूखता था, जिससे आसपास के पशुओं और ग्रामीणों की जरूरतें पूरी होती थीं।
ग्रामीणों ने कंपनी पर नियमों की अनदेखी और मनमानी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निस्तारी तालाब को समाप्त कर रेलवे ट्रैक बिछाने की तैयारी की जा रही है, जिससे क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


मामले की शिकायत प्रभावित किसान द्वारा जिला कलेक्टर से की गई है। शिकायत सामने आने के बाद सक्ती कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
अब देखना होगा कि प्रशासनिक जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और तालाब संरक्षण को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है। कैमरा पर्सन के साथ लाला उपाध्याय, जिला सक्ती।




