
सूरजपुर | छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने सूरजपुर जिले का आकस्मिक दौरा कर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। उन्होंने गंभीर अपराधों में बेहतर सजा दर पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीजीपी अरुण देव गौतम ने सूरजपुर पहुंचकर पुलिस राजपत्रित अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में सरगुजा रेंज के आईजी दीपक कुमार झा और डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर भी मौजूद रहे। इस दौरान जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, बीट पुलिसिंग, लंबित प्रकरणों और पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।

डीजीपी ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की छोटी-बड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए तथा महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने और पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। बैठक में मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, डायल-112 की कार्यप्रणाली और सामुदायिक पुलिसिंग की भी समीक्षा की गई।

डीजीपी ने कहा कि आधुनिक संसाधनों और बेहतर पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी। गंभीर अपराधों में बेहतर सजा दर पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और न्यायालय में पुलिस अधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस महानिदेशक का यह दौरा जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा प्रभावी एवं जनविश्वास आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




