जाति जनगणना पर कांग्रेस का सवाल, राहुल-खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र; मौजूदा प्रश्नावली रद्द करने की मांग

जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मौजूदा जाति जनगणना प्रश्नावली को रद्द करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जाति जनगणना के लिए नई प्रश्नावली तैयार करने से पहले राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए था।
कांग्रेस ने प्रश्नावली पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने 20 अगस्त को प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। उनके मुताबिक, जाति आधारित जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री को कांग्रेस की ओर से यह तीसरा पत्र है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि मौजूदा प्रश्नावली में जाति की जानकारी के लिए ओपन-एंडेड सवाल रखा गया है। यानी व्यक्ति जिस नाम से अपनी जाति बताएगा, उसे उसी रूप में दर्ज किया जाएगा।
एक ही जाति के कई नाम दर्ज होने का दावा
कांग्रेस का तर्क है कि देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में एक ही जाति को अलग-अलग नाम, उपजाति या स्थानीय भाषा के नाम से जाना जाता है। ऐसे में अलग-अलग नाम दर्ज होने पर एक ही समुदाय की आबादी अलग-अलग श्रेणियों में बंट सकती है।
कांग्रेस के मुताबिक, इससे किसी समुदाय की वास्तविक आबादी का आकलन प्रभावित हो सकता है और आगे चलकर शिक्षा, रोजगार, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े फैसलों पर भी असर पड़ सकता है।
OBC को लेकर कांग्रेस ने उठाया बड़ा सवाल
जयराम रमेश ने दावा किया कि मौजूदा जनगणना प्रश्नावली में ‘पिछड़ा वर्ग’ या OBC के लिए अलग से प्रावधान नहीं है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में देश में OBC की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा जुटाना मुश्किल हो सकता है।
कांग्रेस ने मांग की है कि बिहार और तेलंगाना में अपनाई गई जाति सर्वेक्षण की पद्धति का अध्ययन कर राष्ट्रीय स्तर पर अधिक व्यवस्थित तरीके से जाति जनगणना कराई जाए।
राहुल-खड़गे की मांग पर अब सरकार के जवाब का इंतजार
कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया जातियों की सही पहचान और आंकड़ों के संकलन के लिए पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने सरकार से वर्तमान प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने और नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार कांग्रेस के इस पत्र और सवालों पर क्या जवाब देते हैं।




