सोने की बाली गुम हुई तो बच्चों को दिलाई कसम! जांजगीर-चांपा की शिक्षिका पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप

जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका पर अंधविश्वास फैलाने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि शिक्षिका की सोने की बाली खो जाने के बाद उन्होंने स्कूल के बच्चों को इकट्ठा कर उनके हाथों में नारियल और चावल रखवाकर कसम दिलाई। इतना ही नहीं, बच्चों को कथित तौर पर यह भी कहा गया कि यदि जिसने बाली ली है वह वापस नहीं करेगा तो उसके साथ अनहोनी हो सकती है।


बताया जा रहा है कि इस घटना से कई बच्चे डर गए। स्कूल से घर लौटने के बाद उन्होंने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। बच्चों की बात सुनकर ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों ने शिक्षिका के इस कथित व्यवहार का विरोध करते हुए इसे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के माहौल के लिए अनुचित बताया।
ग्रामीणों ने मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस से करते हुए संबंधित शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालय बच्चों को वैज्ञानिक सोच और तर्कसंगत शिक्षा देने का स्थान है, ऐसे में अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियां स्वीकार्य नहीं हैं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और आरोप कितने सही हैं। शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




