
सक्ति जिले के डभरा क्षेत्र में RKM पावर प्लांट के खिलाफ क्षेत्रवासियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीणों ने प्लांट के समीप धरना शुरू कर दिया है और सीमेंट कंपनियों के बंकर (कैप्सूल) वाहनों का आवागमन रोक दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने 14 जुलाई को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की मांग की थी। उनका आरोप है कि विभिन्न सीमेंट कंपनियों के 400 से 500 ओवरलोड बंकर वाहन प्रतिदिन RKM पावर प्लांट तक आते-जाते हैं, जिससे सड़कें जर्जर हो रही हैं और सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दुर्घटनाओं में कई लोगों और मवेशियों की जान जा चुकी है, लेकिन पीड़ितों को उचित मुआवजा नहीं मिला। साथ ही कंपनी द्वारा सीएसआर मद के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्र के विकास कार्यों में भी अपेक्षित योगदान नहीं दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम धिवरा निवासी श्रीमती रुकमणी रात्रे की निजी भूमि पर वर्ष 2014 से बिना भूमि अधिग्रहण किए सड़क बना दी गई। उनका कहना है कि आज तक न तो भूमि का मुआवजा मिला है और न ही किसी प्रकार का किराया, जिससे संबंधित परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद निर्धारित समय सीमा बीत जाने पर भी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसी के विरोध में उन्होंने धरना शुरू करते हुए बंकर वाहनों का आवागमन रोक दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन और RKM पावर प्लांट प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।




