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बाजार में लगातार दूसरे दिन रौनक, सेंसेक्स 163 अंक उछला, निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी का रुख देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों के उतार-चढ़ाव के बाद घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ खुले।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत चढ़कर 24,284.05 के स्तर पर खुला।

रियल्टी और मेटल शेयरों में तेजी, आईटी शेयरों पर दबाव

शुरुआती कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स में मिलाजुला असर देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई और यह करीब 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।

इसके अलावा निफ्टी मेटल में 0.48 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा में 0.32 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली।

वहीं दूसरी ओर तकनीकी और ऑटो शेयरों पर दबाव नजर आया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी ऑटो भी 0.19 प्रतिशत नीचे कारोबार करता दिखा।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी चुनौती

भारतीय शेयर बाजार में यह तेजी ऐसे समय पर देखने को मिली है, जब वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अनिश्चितता बनी हुई है।

इसके चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की बात कही जा रही है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें देश की महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ा सकती हैं।

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.698 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर पड़ने की संभावना है।

अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली थी। डाउ जोंस करीब 703 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में भी गिरावट दर्ज की गई।

इन कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार ने शुरुआती कारोबार में मजबूती दिखाई। भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.74 के स्तर के आसपास स्थिर बना रहा।

घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs की खरीदारी भारतीय बाजार को सहारा दे रही है। हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बाजार के लिए जोखिम बने हुए हैं।

फिलहाल बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रहेगी।

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