हेल्थ

मानसून के दौरान आलू में निकल आते हैं अंकुर, क्या उन्हें खाना सुरक्षित है? जानें एक्सपर्ट की राय

आलू दुनिया की सबसे लोकप्रिय सब्जfयों में से एक है. ज्यादातर भारतीय घरों में आलू का बड़ी मात्रा में स्टॉक रखा जाता है क्योंकि इनका इस्तेमाल रोजाना होता है और ये जल्दी खराब नहीं होते. हालांकि, मानसून के मौसम में नमी के कारण अक्सर आलू में अंकुर निकल आते हैं. आजकल बहुत से लोग इस आम समस्या का सामना कर रहे हैं. लोगों के घरों में रखे आलू में अंकुर निकलने लगे हैं. ऐसे में, कई लोग सोचते हैं कि क्या उन्हें अंकुरित आलू खाने चाहिए या उन्हें फेंक देना चाहिए. इस खबर में इस सवाल का जवाब जानिए

जानकारों का कहना है कि जिन आलू में एक या दो छोटे अंकुर हों, उन्हें खाया जा सकता है, लेकिन जिनमें बहुत सारे अंकुर हों, बड़े हरे धब्बे हों या जो नरम और सिकुड़े हुए हों, उन्हें फेंक देना ही बेहतर है. ऐसे अंकुरित आलू खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इनमें सोलेनिन और चैकोनिन जैसे जहरीले तत्व ज्यादा मात्रा में होते हैं, जिनसे पेट दर्द और फूड पॉइजनिंग हो सकती है.

Potatoes sprout during the monsoon, is it safe to eat them? Find out what the experts say.

खाद्य सुरक्षा केंद्र के अनुसार, अंकुरित होना अपने आप में एक नेचुरल प्रोसेस है, और इसका मतलब यह नहीं है कि आलू जहरीला हो गया है. हालांकि, यह अक्सर दिखाता है कि आलू के अंदर केमिकल बदलाव हो रहे हैं, और ये केमिकल जहरीले हो सकते हैं. जैसे-जैसे अंकुर बढ़ते हैं, आलू इस नई ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए अपने स्टोर किए गए न्यूट्रिएंट्स का इस्तेमाल करता है. इस प्रोसेस के दौरान, आलू धीरे-धीरे नमी खो देता है, नरम और झुर्रियों वाला हो जाता है. स्टार्च शुगर में बदलना शुरू हो जाता है, और कुछ नेचुरल डिफेंस कंपाउंड्स (जिन्हें ग्लाइकोएल्कालॉइड्स कहते हैं) का लेवल बढ़ सकता है. ग्लाइकोएल्कालॉइड्स पौधे को कीड़ों, फंगस और दूसरे खतरों से बचाने में मदद करते हैं. आलू में ‘सोलेनाइन’ और ‘चैकोनाइन’ नाम के ग्लाइकोआल्कैलॉइड्स होते हैं. इससे सेहत को गंभीर नुकसान पहुत सकते है.

ज्यादा ग्लाइकोकलॉइड वाले आलू खाने से कुछ ही घंटों में लक्षण दिख सकते हैं.
संभावित लक्षणों में शामिल हैं…

  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • डायरिया
  • पेट दर्द
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना

ज्यादा गंभीर मामलों में (जो आम नहीं हैं लेकिन ज़्यादा मात्रा में खाने के बाद हो सकते हैं) लोगों को ये हो सकते हैं…

  • कन्फ्यूजन
  • बुखार
  • नींद आना
  • हार्ट रेट में बदलाव
  • न्यूरोलॉजिकल लक्षण
  • आलू खाने के बाद अगर किसी को गंभीर या लगातार लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए.

इसके साथ ही एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि डायबिटीज वाले लोगों को अंकुरित आलू नहीं खाने चाहिए. ऐसा इसलिए है क्योंकि अंकुरित होने के दौरान आलू में मौजूद स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है. ताजे आलू की तुलना में अंकुरित आलू खाने से ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है. इसलिए, डायबिटीज के मरीजों को इन्हें न खाने की सलाह दी जाती है.

Potatoes sprout during the monsoon, is it safe to eat them? Find out what the experts say.

क्या आलू को फ्रिज में रखना चाहिए?
आमतौर पर कच्चे आलू को रेफ्रिजरेटर में रखने की सलाह नहीं दी जाती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत कम तापमान आलू के स्टार्च को शुगर में बदल सकता है, जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बदल सकते हैं. जब ज्यादा शुगर वाले इन आलू को तेज आंच पर पकाया जाता है, तो उनमें एक्रिलामाइड का लेवल बढ़ सकता है, यह एक ऐसा कंपाउंड है जो तलने, भूनने या बेक करने के दौरान कुछ स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों में बनता है.

आलू को सही तरीके से कैसे स्टोर करें
इसके बजाय, एक्सपर्ट्स आलू को ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखने की सलाह देते हैं. साथ ही, आलू को प्याज से दूर रखना चाहिए. ऐसा करने से उनमें समय से पहले अंकुर निकलने से रोका जा सकता है.

किसे खास तौर पर सावधान रहना चाहिए?

  • छोटे बच्चे
  • बुजुर्ग लोग
  • प्रेग्नेंट महिलाएं
  • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग

इन लोगों को बहुत ज्यादा अंकुरित, हरे या खराब हो चुके आलू खाने में खास तौर पर सावधान रहना चाहिए.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं. हम यह जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल व स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स की सिफारिशों के आधार पर दे रहे हैं. इनका पालन करने से पहले अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button