
दुर्ग यातायात पुलिस ने “ऑपरेशन विश्वास” अभियान के तहत स्कूली बच्चों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की पहल की है। इसी कड़ी में शहर के चार स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 2500 छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
यातायात पुलिस द्वारा केपीएस स्कूल, नेहरू नगर, खालसा पब्लिक स्कूल और शकुंतला विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया।
अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस मिलने से पहले वाहन चलाना कानूनन अपराध है।

नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, जिससे स्वयं के साथ दूसरों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।
कार्यक्रम में हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और सड़क पार करते समय सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी भी दी गई।
यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की अपील की। वहीं स्कूल प्रबंधन से कहा गया कि यदि कोई छात्र स्वयं वाहन चलाकर स्कूल आता है तो उस पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा अभिभावकों की बैठक आयोजित कर उन्हें मोटरयान अधिनियम और नाबालिग वाहन संचालन के कानूनी परिणामों से अवगत कराया जाए।

पुलिस ने बताया कि 1 अगस्त को सेक्टर-4 स्थित एसएनजी स्कूल में पुलिस, परिवहन विभाग, ट्रैफिक वार्डन, स्कूल प्रबंधन और पैरेंट्स यूनियन की संयुक्त बैठक भी आयोजित की जाएगी।
दुर्ग यातायात पुलिस ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने की अनुमति न दें। बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।




