मानसून के दौरान स्ट्रोक का खतरा: हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और दिल की बीमारी वाले लोगों को क्यों सावधान रहने की है जरूरत?

मानसून के आने पर ज्यादातर लोग वायरल इन्फेक्शन, खांसी, सर्दी और दस्त जैसी बीमारियों से परेशान रहते हैं. हालांकि, जिन लोगों को पहले से ही स्ट्रोक का खतरा है (खासकर जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज हाई कोलेस्ट्रॉल या दिल की बीमारी है) उन्हें इस दौरान ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. दरअसल, मुंबई के Sir H. N. Reliance Foundation Hospital में न्यूरोसाइंसेस विभाग के डायरेक्टर और जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अरुण शाह का कहना है कि मानसून के दौरान तापमान और नमी में अचानक बदलाव से ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है, जिससे स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है. न्यूरोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट सलाह देते हैं कि इन बीमारियों वाले मरीजों को बारिश के मौसम में इन्फेक्शन से बचाव के साथ-साथ अपनी रक्त वाहिकाओं (vascular health) की सेहत पर भी खास ध्यान देना चाहिए.
डॉ. अरुण शाह बताते हैं कि स्ट्रोक साल में कभी भी हो सकता है, हालांकि, मानसून के दौरान मौसम और जीवनशैली में बदलाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को संभालना ज्यादा मुश्किल हो सकता है. इस मौसम में इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन के मामले अधिक देखने को मिलते हैं, जिससे शरीर पर दबाव पड़ सकता है. तापमान में उतार-चढ़ाव ब्लड प्रेशर के स्तर को प्रभावित कर सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें हाइपरटेंशन है. खान-पान में बदलाव, नींद की कमी, घर के अंदर रहना और दवा की खुराक छूट जाना, ये सभी ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लेवल पर असर डाल सकते हैं. इस मौसम में इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. यह बात खासकर बुजुर्गों और दिल की बीमारी वाले लोगों पर लागू होती है.
डॉ. अरुण शाह के अनुसार, स्ट्रोक के चेतावनी वाले संकेत पूरे साल एक जैसे ही होते हैं. इसके लिए BE-FAST रुल याद रखें:
- B- अचानक संतुलन खोना (Balance)
- E- नज़र में बदलाव (Eyesight)
- F- चेहरे का एक तरफ झुकना (Facial drooping)
- A- हाथ में कमजोरी (Arm weakness) या
- S- बोलने में कठिनाई (Speech difficulty)
- T- इमरजेंसी मेडिकल मदद लेने का समय (Time).
डॉ. अरुण शाह इस बात पर जोर देते हैं कि हर मिनट कीमती है, क्योंकि जल्दी इलाज से विकलांगता कम हो सकती है और ठीक होने की संभावना बेहतर हो सकती है. आपको डाक्टर के द्वारा बताई गई दवाइयों और एक्सरसाइज के रूटीन का सख्ती से पालन करना चाहिए. अगर आप ज्यादा जोखिम वाली श्रेणी में हैं, तो अपने ब्लड प्रेशर और ग्लूकोज के लेवल पर बारीकी से नजर रखना बहुत जरूरी है. इस खतरे को कम करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि स्मोकिंग से बचें और नमक का सेवन कम करें. हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों को सही ढंग से मैनेज करना जरूरी है, क्योंकि इनसे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है.
डॉ. अरुण शाह इस बात का कहना है कि मानसून का मौसम अपने आप में खतरनाक नहीं होता है. जरूरी यह है कि मौसम और आपकी दिनचर्या में होने वाले बदलावों से आपकी सेहत की स्थिति पर कोई बुरा असर न पड़े. स्ट्रोक से बचाव किसी खास मौसम तक सीमित नहीं है, यह साल भर ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारी को कंट्रोल में रखने पर निर्भर करता है.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सुझाव केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए हैं. हम यह जानकारी वैज्ञानिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल व स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स की सिफारिशों के आधार पर दे रहे हैं. इनका पालन करने से पहले अपने पर्सनल डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)




