साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए विशेष शिविर, 106 मामलों की सुनवाई; करीब 9 लाख की राशि वापसी की प्रक्रिया

जांजगीर-चांपा जिले में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पहली बार भारत सरकार की नई गाइडलाइन के तहत एक दिवसीय विशेष पुलिस सहायता शिविर आयोजित किया गया। साइबर थाना जांजगीर में आयोजित इस शिविर में जांजगीर-चांपा के अलावा सक्ती, कोरबा और बलरामपुर से भी बड़ी संख्या में पीड़ित पहुंचे। शिविर में कुल 106 साइबर ठगी मामलों की सुनवाई की गई और करीब 8 लाख 98 हजार रुपये की राशि वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, IPS के निर्देशन में आयोजित इस विशेष शिविर का उद्देश्य साइबर ठगी के पीड़ितों को एक ही जगह पर पुलिस सहायता उपलब्ध कराना और उनकी फंसी रकम की वापसी की प्रक्रिया को आसान बनाना था। शिविर में अलग-अलग जिलों से पहुंचे पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों ने सुनवाई की।
शिविर में 106 पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई की गई। इनमें 17 पीड़ितों के 77 हजार 310 रुपये वापस दिलाने के लिए MRM पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कराया गया। वहीं 10 मामलों में 8 लाख 21 हजार रुपये की होल्ड राशि वापस दिलाने के लिए आवेदन न्यायालय भेजा गया।

इसके अलावा 47 पीड़ितों के फ्रीज बैंक खातों को डी-फ्रीज कराने के लिए GRM पोर्टल के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन भेजे गए। पुलिस के मुताबिक, इस शिविर में कुल 8 लाख 98 हजार 310 रुपये की राशि वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई।
शिविर के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध के साथ-साथ मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की। इस दौरान 20 गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 636 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है, बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।

एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने लोगों से साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, ऑनलाइन लोन और KYC अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की जरूरत है।
पुलिस ने अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराकर पीड़ित को राहत दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।




