
लोकेशन – कोरबा, छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर – सरोज रात्रे
क्या ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की शिकायत करना गुनाह बन गया है? कोरबा जिले के पाली जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ईरफ में उपसरपंच को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंच और महिला जनप्रतिनिधि कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।


ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और शासकीय राशि के दुरुपयोग की शिकायत करने वाले उपसरपंच को ही निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों से वास्तविक जानकारी छिपाकर हस्ताक्षर कराए गए, कुछ पंचों को बैठक के बहाने पाली ले जाकर खाली कागजों पर साइन करवाए गए और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।



ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी कार्रवाई पारदर्शी नहीं रही और इसमें कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। वहीं ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे विवाद पर क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को न्याय मिल पाता है या नहीं।




