
कोरबा जिले में तान नदी पर जर्जर पुल की मरम्मत के दौरान बनाया गया अस्थायी एप्रोच रोड पहली ही तेज बारिश में बह गया। अब मरम्मत अधूरी होने के बावजूद वाहनों की आवाजाही फिर उसी पुल से कराई जा रही है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

कटघोरा–अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर तान नदी स्थित जर्जर पुल की मरम्मत का कार्य चल रहा है। आवागमन बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा अस्थायी एप्रोच रोड बनाया गया था, लेकिन मूसलाधार बारिश के दौरान तेज बहाव में यह पूरी तरह बह गया।
बताया जा रहा है कि इस अस्थायी एप्रोच रोड के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, ताकि छत्तीसगढ़ को बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित न हो। लेकिन पहली ही बारिश में एप्रोच रोड बह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

एप्रोच रोड बह जाने के बाद अब वाहनों की आवाजाही फिर उसी जर्जर पुल से कराई जा रही है, जिसकी मरम्मत का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि यदि जल्द कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कार्य पूरा करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। अब देखना होगा कि मरम्मत कार्य कब तक पूरा होता है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित आवागमन कब बहाल हो पाता है। साथ ही यह सवाल भी बना हुआ है कि पहली ही बारिश में एप्रोच रोड का बह जाना केवल प्राकृतिक कारण था या निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।




