
लोकेशन: कोरबा / रिपोर्टर : सरोज रात्रे
कोरबा जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाई गई डोकरमना से चिरईझुंझ तक की सड़क अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है। करीब 243 लाख रुपए की लागत से बनी यह सड़क एक महीने भी नहीं टिक पाई और जगह-जगह से उखड़ने लगी है।
कोरबा ब्लॉक के ग्राम पंचायत डोकरमना से चिरईझुंझ तक बनाई गई करीब 4.62 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बस्ती को मुख्यधारा से जोड़ना था। लेकिन सड़क की हालत देखकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। सड़क का डामर हाथ लगाने पर ही छिलकों की तरह उखड़ रहा है। लोग हाथ से डामर निकालकर निर्माण कार्य की पोल खोलते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक सड़क निर्माण में 243 लाख 21 हजार रुपए खर्च किए गए, जबकि पांच साल के संधारण के लिए भी 21 लाख 81 हजार रुपए तय किए गए हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में निर्माण कार्य पूरा दिखाकर भुगतान कर दिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या सड़क की गुणवत्ता जांच सिर्फ कागजों में हुई? और क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना जांच के ही भुगतान कर दिया?
जिस सड़क से आदिवासी गांवों तक विकास पहुंचना था, वही सड़क अब भ्रष्टाचार की गवाही देती नजर आ रही है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।




