
बिश्रामपुर के कुंदा स्थित चाँदसि दवाखाना को लेकर किए गए स्टिंग ऑपरेशन के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी ठोस प्रशासनिक कार्रवाई के सामने नहीं आने से सवाल उठ रहे हैं। स्टिंग में कथित तौर पर बिना वैध अनुमति इलाज और दवाओं के संचालन जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अब तक जांच या कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।
करीब एक सप्ताह पहले सामने आए स्टिंग ऑपरेशन में चाँदसि दवाखाना में कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति चिकित्सा सेवाएं संचालित करने और दवाओं के रखरखाव व संचालन में अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों को प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक न तो किसी जांच समिति के गठन की जानकारी सामने आई है और न ही दवाखाने के खिलाफ किसी स्पष्ट कार्रवाई की सूचना मिली है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस मामले को लेकर आम लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि यदि सार्वजनिक रूप से सामने आए आरोपों की भी समय पर जांच नहीं होती, तो स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल सभी की नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। अब देखना होगा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।




