
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत कैलाशपुर के आश्रित ग्राम असनापारा से एक वायरल वीडियो ने सरकारी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में गांव के एकमात्र सरकारी हेडपंप में समर्सिबल मोटर लगी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने सरकारी हेडपंप को अपने निजी उपयोग में ले लिया है, जिससे पूरे गांव के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।


ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पीने के पानी का यही एकमात्र सरकारी स्रोत है। आरोप है कि हेडपंप में समर्सिबल मोटर लगाए जाने के कारण आम लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे समय में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित पूरे गांव को पीने का पानी लाने के लिए करीब एक किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वायरल वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी हेडपंप को आम लोगों के लिए मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।
रामानुजनगर के कैलाशपुर असनापारा में सरकारी हेडपंप में समर्सिबल मोटर लगी होने का वीडियो वायरल। ग्रामीणों का आरोप—निजी उपयोग के कारण पूरे गांव को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटते ही लोगों को करीब 1 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप।




