
लोकेशन: कोरबा | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर:राम नगारची / दिनांक 01 .01.2026 / मोबाइल नंबर: 1 79994 84722
कोरबा जनपद पंचायत अध्यक्ष के अपने ही गांव में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। आरोप है कि सड़क, पेयजल और अन्य निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जनपद अध्यक्ष के गांव का यह हाल है, तो दूसरे गांवों के विकास की स्थिति कैसी होगी?






मामला कोरबा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत गेरांव के आश्रित ग्राम घोटमार का है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक वर्ष पहले पीपल चौक से ढोढी तक सीसी रोड निर्माण के लिए लगभग 10 लाख रुपये और प्राथमिक शाला में अहाता निर्माण के लिए करीब 3 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। पंचायत द्वारा पहली किस्त जारी होने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस गली में स्वयं जनपद अध्यक्ष श्रीमती बृजमति राठिया का निवास है, वहीं की सड़क आज तक नहीं बन पाई। वहीं गांव में पेयजल संकट भी बना हुआ है। महिलाओं का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए खोदे गए बोरवेल का निजी उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें ढोढी नाले से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस मामले में जनपद अध्यक्ष श्रीमती बृजमति राठिया ने कहा कि दोनों निर्माण कार्य तीन से चार दिनों के भीतर शुरू कर दिए जाएंगे। वहीं सरपंच पति हीरा लाल राठिया का दावा है कि पंचायत द्वारा करीब 5 लाख रुपये की अग्रिम राशि पहले ही दी जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में अहाता निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे कई महीनों से खुले पड़े हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।
फिलहाल ग्रामीण विकास कार्यों के शीघ्र शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जनपद अध्यक्ष का आश्वासन जमीन पर कब तक उतरता है और गांव को मूलभूत सुविधाओं का लाभ कब मिल पाता है।




