
लोकेशन: रायगढ़, छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर – ब्यूरो रिपोर्ट
रायगढ़ जिले से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। खरसिया वन परिक्षेत्र के गुरदा क्षेत्र में मांड नदी से हाथी के एक बच्चे यानी कलभ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण पानी में डूबना बताया जा रहा है। लगातार हो रही कलभों की मौतों ने वन्यजीव संरक्षण और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मामला रायगढ़ वन मंडल के खरसिया रेंज के गुरदा क्षेत्र का है, जहां मांड नदी में एक हाथी के बच्चे का शव मिला। ग्रामीणों ने सुबह करीब 9 बजे नदी में शव देखा और तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और शव को नदी से बाहर निकालकर जांच शुरू की गई।
जानकारी के अनुसार, घटना स्थल के आसपास इन दिनों 4 दर्जन से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि नदी पार करने के दौरान हाथी का बच्चा पानी के तेज बहाव या गहराई में फंस गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
गौरतलब है कि मई महीने में ही रायगढ़ जिले में डूबने से तीन अन्य कलभों की मौत हो चुकी है। ताजा घटना के बाद बीते 31 दिनों में चार और जनवरी से अब तक कुल नौ कलभों की मौत दर्ज की गई है। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने वन विभाग की मॉनिटरिंग और हाथियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की विस्तृत जांच पर टिकी है। सवाल यह है कि आखिर लगातार हाथी के बच्चों की मौत क्यों हो रही है और इन घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे।




