
लोकेशन: बालोद | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर : दीपक यादव
बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कसौंदा के आश्रित ग्राम हरनसिंघी में सरपंच और रोजगार सहायक के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दोनों के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।



ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और रोजगार सहायक द्वारा गांव के लोगों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा के तहत जिरामजी कार्य में गांव के लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा जॉब कार्ड बनाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से पैसे मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि आश्रित ग्राम हरनसिंघी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है और गांव के विकास कार्यों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी से नाराज होकर महिला एवं पुरुष ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरपंच तथा रोजगार सहायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो सरपंच और रोजगार सहायक को पद से हटाया जाए, अथवा आश्रित ग्राम हरनसिंघी को अलग


ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए।
बाइट-1: सरजू कोठारी, ग्रामीण
बाइट-2: तुलसी बाई, ग्रामीण




