ब्लैक राइस की खेती से किसानों की बढ़ी आमदनी, लौटी खुशहाली

लोकेशन: बलौदाबाजार | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर: मुरली नायर
बलौदाबाजार जिले में काला धान यानी ब्लैक राइस की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। बाजार में अच्छी कीमत और बढ़ती मांग के कारण किसानों की आमदनी में कई गुना इजाफा हुआ है। यही वजह है कि अब किसान पारंपरिक धान के साथ-साथ ब्लैक राइस की खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।



ब्लैक राइस अपने औषधीय और पोषण गुणों के कारण देश-विदेश के बाजारों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, प्रोटीन, फाइबर, जिंक सहित कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
किसानों का कहना है कि सामान्य धान की तुलना में ब्लैक राइस का बाजार मूल्य कई गुना अधिक मिलता है। ऐसे में कम उत्पादन होने पर भी उन्हें बेहतर लाभ प्राप्त हो रहा है। यही कारण है कि अब अधिक से अधिक किसान इसकी खेती को अपनाने लगे हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ब्लैक राइस की खेती में पानी की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम होती है। साथ ही इसमें रोग और कीटों का प्रकोप भी कम देखने को मिलता है, जिससे उत्पादन लागत घटती है और किसानों का मुनाफा बढ़ता है।
किसानों का दावा है कि ब्लैक राइस की खेती से उनकी आय में 5 से 7 गुना तक वृद्धि हुई है। बेहतर मुनाफे के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और किसानों के चेहरे पर खुशहाली लौट आई है।
अब किसान आने वाले सीजन में ब्लैक राइस की खेती का रकबा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। कृषि विभाग भी किसानों को इस लाभकारी फसल के प्रति जागरूक करने और तकनीकी मार्गदर्शन देने में जुटा हुआ है।



