Hockey World Cup: इंग्लैंड ने बिगाड़ा खेल, अब पाकिस्तान से आर-पार… जीत से टिकट पक्का, हार से सफर खत्म

एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के हाथों 2-4 की हार ने भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले आखिरी पूल मुकाबले को बेहद अहम बना दिया है. इंग्लैंड दो मैचों में छह अंक लेकर पूल डी में शीर्ष पर है और अगले दौर में उसकी जगह पक्की हो चुकी है.
भारत तीन अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है. वेल्स और पाकिस्तान के खाते में एक-एक अंक है. गोल अंतर की बात करें तो भारत का गोल अंतर शून्य है, जबकि वेल्स का -2 और पाकिस्तान का -3 है. ऐसे में भारत के पास अब भी स्थिति अपने हाथ में रखने का मौका है.
पाकिस्तान को हराया तो सीधे अगले दौर में भारत
भारत के लिए सबसे आसान और साफ समीकरण जीत है. पाकिस्तान के खिलाफ तीन अंक हासिल करते ही भारत के छह अंक हो जाएंगे. वेल्स इंग्लैंड को हरा भी देता है तो उसके अधिकतम चार अंक ही होंगे. ऐसे में भारत का शीर्ष दो में रहना तय हो जाएगा और टीम अगले दौर यानी पूल ई में पहुंच जाएगी.
इंग्लैंड के खिलाफ नतीजा चाहे जो हो, पाकिस्तान पर जीत भारत के अगले दौर का टिकट पक्का कर देगी. यानी भारतीय टीम के लिए किसी दूसरे मुकाबले के समीकरण पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी.
ड्रॉ हुआ तो इंग्लैंड-वेल्स मैच पर नजर
अगर भारत और पाकिस्तान का मुकाबला ड्रॉ रहता है तो भारत के चार अंक हो जाएंगे, जबकि पाकिस्तान दो अंकों पर रुक जाएगा. पाकिस्तान तब दूसरे स्थान की दौड़ से बाहर हो जाएगा. लेकिन भारत की qualification पूरी तरह पक्की नहीं होगी.
अगर इंग्लैंड, वेल्स को हरा देता है या मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो भारत अगले दौर में पहुंच जाएगा. लेकिन अगर वेल्स ने इंग्लैंड को हरा दिया तो उसके भी चार अंक हो जाएंगे. तब भारत और वेल्स के बीच दूसरे स्थान का फैसला टाई-ब्रेकर से होगा.
समान अंक होने पर पहले मैच जीत की संख्या देखी जाएगी. इसके बाद गोल अंतर, फिर किए गए गोल और उसके बाद आपसी मुकाबले का नतीजा निर्णायक होगा.
भारत और वेल्स दोनों के पास फिलहाल एक-एक जीत है. भारत का गोल अंतर शून्य और वेल्स का -2 है. इसलिए अगर वेल्स एक गोल के अंतर से इंग्लैंड को हराता है, तो भारत बढ़त बनाए रखेगा. लेकिन वेल्स की तीन या उससे अधिक गोल की जीत उसे भारत से आगे कर देगी. दो गोल की जीत की स्थिति में दोनों का गोल अंतर शून्य हो जाएगा और फिर किए गए गोल का आंकड़ा देखा जाएगा. उसके बाद भी बराबरी रही तो भारत की वेल्स पर 3-1 की जीत काम आएगी.
यानी पाकिस्तान के खिलाफ ड्रॉ भारत को मजबूत स्थिति में जरूर रखेगा, लेकिन qualification की गारंटी नहीं देगा.
पाकिस्तान से हारे तो भारत बाहर
भारत के लिए सबसे खराब स्थिति हार है. अगर पाकिस्तान भारत को हरा देता है तो उसके चार अंक हो जाएंगे और भारत तीन अंकों पर ही रह जाएगा. इस स्थिति में भारत दूसरे स्थान पर नहीं पहुंच सकता.
पाकिस्तान भारत से आगे निकल जाएगा और अगर वेल्स ने इंग्लैंड को हरा दिया तो उसके भी चार अंक हो जाएंगे. ऐसे में भारत की अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद खत्म हो जाएगी.
इसलिए पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला भारत के लिए लगभग ‘करो या मरो’ जैसा है- जीत मिली तो अगले दौर में जगह पक्की, ड्रॉ हुआ तो उम्मीद मजबूत लेकिन समीकरण बाकी, और हार हुई तो अगले दौर की दौड़ खत्म.
इंग्लैंड की हार का असर अगले दौर में भी पड़ेगा
इंग्लैंड के खिलाफ हार का नुकसान सिर्फ मौजूदा पूल तक सीमित नहीं है. वर्ल्ड कप के नए प्रारूप में पहले दौर से एक ही पूल से अगले चरण में पहुंचने वाली टीमों के बीच हुए मुकाबले का नतीजा आगे भी साथ जाता है.
इसका मतलब है कि अगर भारत और इंग्लैंड पूल डी से आगे बढ़ते हैं तो इंग्लैंड की 4-2 की जीत का फायदा उसे पूल ई में भी मिलेगा. इंग्लैंड तीन अंकों के साथ अगले चरण में जाएगा, जबकि भारत के खाते में इस मुकाबले से कोई अंक नहीं होगा.
भारत के पास इसके बावजूद सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका रहेगा, लेकिन इंग्लैंड से मिली हार ने अगले दौर में उसकी राह पहले ही मुश्किल कर दी है. इसलिए पाकिस्तान के खिलाफ जीत अब सिर्फ अगले दौर में पहुंचने के लिए नहीं, बल्कि टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत रखने के लिए भी बेहद जरूरी है.




