छत्तीसगढ़बिलासपुर

नेशनल हाईवे-45 पहली बारिश में ही बेनकाब : 510 करोड़ की सड़क पर दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

बिलासपुर जिले में रतनपुर से पेंड्रा तक बन रही लगभग 510 करोड़ रुपये की लागत वाली नेशनल हाईवे-45 पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। निर्माणाधीन सड़क के कई हिस्सों में दरारें, धंसाव और किनारों के टूटने की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा भी नहीं हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि मजबूत बेस तैयार करने के बजाय मिट्टी पर ही डामर बिछा दिया गया, जिसके कारण बारिश के बाद सड़क बैठने लगी और कई जगह दरारें दिखाई देने लगीं।

ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो रही है, तो भविष्य में इसकी मजबूती और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। लोगों ने दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग भी की है।

कुछ सप्ताह पहले ही लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश बंसल ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी परियोजना का जायजा लिया था। बावजूद इसके पहली ही बारिश में सड़क की स्थिति बिगड़ने से विभाग के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. खांबरा का कहना है कि सड़क का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। हालांकि, सामने आई तस्वीरों और स्थानीय लोगों के आरोपों के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो गई है।

फिलहाल पहली ही बारिश में हाईवे की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभाग जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button