माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास का भव्य अभिनंदन, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने पर्वतारोही अमिता श्रीवास का किया सम्मान

लोकेशन: चांपा | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर: शुभांशु मिश्र
विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाली पर्वतारोही अमिता श्रीवास का चांपा में भव्य सम्मान किया गया। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा आयोजित इस सम्मान समारोह में शिक्षा जगत एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी के निवास पर आयोजित समारोह में माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास का आत्मीय अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष रविन्द्र राठौर, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भुवनेश्वर देवांगन, जिला अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी तथा जिला संगठन मंत्री राजेन्द्र जायसवाल विशेष रूप से मौजूद रहे।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी द्विवेदी ने अमिता श्रीवास को कौसेय वस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं मिठाई भेंट कर सम्मानित किया। अतिथियों ने उनके साहस, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष रविन्द्र राठौर ने कहा कि अमिता श्रीवास की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। वहीं जिला अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी ने कहा कि माउंट एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचने के पीछे वर्षों का कठिन परिश्रम, अनुशासन और त्याग छिपा हुआ है।
प्रदेश महामंत्री भुवनेश्वर देवांगन ने कहा कि अमिता श्रीवास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित किया है। वहीं जिला संगठन मंत्री राजेन्द्र जायसवाल ने उनकी सफलता को महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सम्मान समारोह के दौरान अमिता श्रीवास ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपने माउंट एवरेस्ट अभियान के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रतिकूल मौसम, ऑक्सीजन की कमी और शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने सफलता हासिल की।
उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को परिवार, गुरुजनों, सहयोगियों और शुभचिंतकों को समर्पित करते हुए कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने का जुनून हो, तो कठिनाइयाँ भी सफलता की सीढ़ियाँ बन जाती हैं।




