
सूरजपुर जिले की हर्रा टिकरा ग्राम पंचायत की सरपंच सुशीला दास पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि एसटी महिला के लिए आरक्षित सीट पर सुशीला दास ने आदिवासी प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव जीता, जबकि उनकी वास्तविक जाति पनिका है।
पूर्व सरपंच अंबिका सिंह सहित ग्रामीणों ने सेटलमेंट रिकॉर्ड, वंशावली और अन्य दस्तावेजों के आधार पर जांच की मांग की है। वहीं पंचायत के कुछ पंचों ने विकास कार्यों में 10 प्रतिशत कमीशन मांगने का भी आरोप लगाया है।
शिकायत एसडीएम, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री स्तर तक किए जाने के बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इधर, सरपंच सुशीला दास ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि राजनीतिक और व्यक्तिगत द्वेष के चलते उनके खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। उनका कहना है कि जांच और न्यायालय में सच्चाई सामने आएगी।
फिलहाल मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है। इसलिए किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बाइट – 1: सुशीला दास, सरपंच हर्रा टिकरा




