
कोरबा जिले के करतला विकासखंड की प्राथमिक शाला गितारी आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मिसाल बनकर सामने आई है। जहां कई स्कूलों में बुनियादी शिक्षा को लेकर सवाल उठते हैं, वहीं इस विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ 20 तक के पहाड़े फर्राटेदार अंदाज में सुनाकर सभी को हैरान कर रहे हैं। यह उपलब्धि शिक्षकों की मेहनत और नवाचारी शिक्षण पद्धति का परिणाम मानी जा रही है।
करतला विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र स्थित प्राथमिक शाला गितारी में विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाने की अनूठी पहल की गई है। नियमित अभ्यास और रोचक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में गणित के प्रति रुचि विकसित की गई, जिसका परिणाम यह है कि अधिकांश छात्र बिना रुके 20 तक के पहाड़े सुना रहे हैं।


विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि बच्चों को रटाने के बजाय समझाकर और गतिविधि आधारित शिक्षा के जरिए पढ़ाया जाता है। इसी वजह से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और उनकी सीखने की क्षमता में भी लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी विद्यालय के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित मार्गदर्शन से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है। आज प्राथमिक शाला गितारी क्षेत्र के अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गई है।
“गांव के इस छोटे से प्राथमिक विद्यालय ने साबित कर दिया है कि यदि शिक्षक समर्पण और नवाचार के साथ बच्चों को पढ़ाएं, तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। गितारी के नन्हे विद्यार्थियों की यह उपलब्धि निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।”




