
रायगढ़ पुलिस को “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत बड़ी सफलता मिली है। करीब 300 किलो गांजा तस्करी के मामले में पिछले एक महीने से फरार चल रहे मुख्य मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से KIA कार समेत 10 लाख 17 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। आइए देखते हैं यह खास रिपोर्ट।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त टीम ने 300 किलो गांजा तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी 5 जून को पकड़ी गई करीब 300 किलो गांजा की खेप के मामले में फरार चल रहा था। उस कार्रवाई में लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपये मूल्य का गांजा, दो चारपहिया वाहन और अन्य सामान जब्त किया गया था, जबकि तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस लगातार शुभम यादव की तलाश कर रही थी। 8 जुलाई को सूचना मिली कि आरोपी KIA कार से रायगढ़ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही साइबर थाना और लैलूंगा पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन कुंजारा के पास उसे दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के विवेकनगर कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय शुभम यादव के रूप में हुई है। उसके कब्जे से KIA कार, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, नकदी और अन्य दस्तावेज सहित करीब 10 लाख 17 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल गांजा जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क, उसके वित्तीय लाभार्थियों और मास्टरमाइंड तक पहुंचकर एंड-टू-एंड कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और कड़ियों की भी जांच कर रही है। अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।




