
रिपोर्टर: शुभांशु मिश्रा / लोकेशन: बिलासपुर
बिलासपुर रेंज में NDPS मामलों की विवेचना को और मजबूत और तकनीकी रूप से सटीक बनाने के लिए पुलिस द्वारा एक अहम पहल की गई है। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग के निर्देशन में एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों को जांच की गुणवत्ता सुधारने के गुर सिखाए गए।

बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग द्वारा आयोजित इस ऑनलाइन कार्यशाला में रेंज के विभिन्न जिलों से करीब 100 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य NDPS एक्ट के मामलों में विवेचना के दौरान होने वाली तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को दूर करना रहा।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय ने अधिकारियों को NDPS एक्ट की धाराओं—42, 50, 52 और 57 के तहत कार्रवाई में बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी सी प्रक्रिया संबंधी गलती भी आरोपी को कोर्ट से राहत दिला सकती है।

इसके साथ ही सैंपलिंग के नए नियम, जब्त मादक पदार्थों के सही दस्तावेजीकरण, स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति और डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि विवेचना केवल जब्ती तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थ के स्रोत और गंतव्य तक पूरी कड़ी को जोड़कर ड्रग नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम किया जाए।
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र रखा गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी समस्याएं साझा कीं और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा प्रशिक्षक माखनलाल पाण्डेय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।



