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जांजगीर-चांपा में सियासी घमासान: विकास कार्यों पर मंत्री और विधायक आमने-सामने

रिपोर्टर: दीपक यादव / लोकेशन: जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)

जांजगीर-चांपा जिले में इन दिनों राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है, जहां विकास कार्यों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
जिले के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने जांजगीर में हुए विकास कार्यों को गिनाते हुए दावा किया कि मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर जैसे बड़े प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार होती, तो इतने विकास कार्य संभव नहीं हो पाते।


वहीं, जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने मंत्री के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “धन्य हैं ओपी जी, आते हैं, सर्किट हाउस में बैठक करते हैं और चले जाते हैं, और विकास की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।”
विधायक कश्यप ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में हुई थी और इसका नाम मिनी माता के नाम पर तय किया गया। उन्होंने नालंदा परिसर के लिए स्वागत जरूर किया, लेकिन यह भी जोड़ा कि जिले में नर्सिंग कॉलेज पहले से मौजूद है, बावजूद इसके उसका संचालन अभी तक व्यवस्थित नहीं हो पाया है।
उन्होंने जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और फिशरीज स्कूल की मांग उठाते हुए कहा कि इन पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। साथ ही आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री जिले के जनप्रतिनिधियों से संवाद नहीं करते और बिना चर्चा के ही बैठक कर लौट जाते हैं।
विधायक ने वित्तीय मुद्दों को उठाते हुए विधायक निधि, CSR और DMF फंड के उपयोग पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कांग्रेस के विधायक होने के कारण विकास कार्यों में भेदभाव किया जा रहा है।
अंत में विधायक ब्यास कश्यप ने 4 मई 2026 को सत्याग्रह करने का ऐलान करते हुए कहा कि वे जनता के हक और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो विरोध और तेज किया जाएगा, यहां तक कि काले झंडे से स्वागत भी किया जाएगा।

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