
लोकेशन: रायपुर | छत्तीसगढ़ / रिपोर्टर: प्रांजल सिंह
छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। बैठक में डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा, ई-एचआरएमएस पोर्टल निर्माण, पट्टा वितरण सर्वे और लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया गया।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि जमीन संबंधी रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और साइबर खतरों को रोकने के लिए डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए एक मजबूत और अभेद्य कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नागरिकों का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए ई-एचआरएमएस यानी इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल में पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति से जुड़ी जानकारी अपडेट रहेगी।
राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मंत्री ने प्रदेश भर में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों की सूची तलब की है। साथ ही एक ही हल्के में तीन साल से अधिक समय से कार्यरत पटवारियों का ब्यौरा भी मांगा गया है।
मंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण के लिए चल रहे सर्वे कार्यों को आगामी 15 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र लोगों को समय पर मालिकाना हक मिल सके।
बैठक में शासकीय भूमि की समाप्त हो चुकी लीज के नवीनीकरण, राज्य के राजस्व में वृद्धि, लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार के मामलों के शीघ्र निराकरण पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा जियो-रेफरेंसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना और भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और राजस्व मामलों में तेजी लाते हुए आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



