
रिपोर्टर : चंद्रप्रकाश महंत / लोकेशन : रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी प्रभावित और सुदूर वनांचल क्षेत्रों के विकास के लिए नियद नेल्लानार योजना 2.0 की बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में योजना के विस्तार और गांव-गांव तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा की गई। सरकार का लक्ष्य अब बस्तर के दूरस्थ इलाकों में योजनाओं का शत-प्रतिशत संतृप्तिकरण सुनिश्चित करना है।
नियद नेल्लानार योजना के पहले चरण की सफलता के बाद अब सरकार ने दूसरे चरण यानी नियद नेल्लानार 2.0 को और व्यापक रूप देने का फैसला किया है। इसके तहत माओवादी प्रभाव वाले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सीधे 31 व्यक्तिगत हितग्राही योजनाओं, 14 सामुदायिक सुविधाओं और 10 आवश्यक सेवाओं का लाभ दिया जाएगा।
इस अभियान के तहत पात्र ग्रामीणों को मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, महतारी वंदन योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और जनधन योजना जैसी कई सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
वहीं सामुदायिक विकास के लिए आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी, राशन दुकान, बैंकिंग सेवाएं, पंचायत भवन, वन धन विकास केंद्र और नए कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समयसीमा में योजनाओं को धरातल पर लागू करें, ताकि बस्तर के सुदूर गांवों तक विकास की मुख्यधारा पहुंच सके।




