कोरबाछत्तीसगढ़

भूमि अधिग्रहण के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा, प्रशासनिक टीम बैरंग लौटी

रिपोर्टर – सरोज रात्रे / लोकेशन – कटबितला (बरीडीह), कोरबा

निजी पावर प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण का विरोध, फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव का आरोप

कोरबा जिले के कोरबा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कटबितला, बरीडीह में एक निजी पावर प्लांट द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों का विरोध शनिवार को उग्र रूप में सामने आया। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के सिलसिले में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने अधिग्रहण प्रक्रिया में अनियमितता और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में एसडीएम सरोज महिलांगे राजस्व अमले के साथ तथा उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल पुलिस बल के साथ कटबितला गांव पहुंचे थे। अधिकारियों के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की।

ग्रामीणों के भारी विरोध और नारेबाजी के बीच प्रशासनिक एवं पुलिस टीम को बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। मौके पर लंबे समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि स्थिति नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2007 में ग्रामसभा का फर्जी प्रस्ताव तैयार कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उनका कहना है कि गांव की निस्तारी और सामुदायिक उपयोग की जमीन को जबरन अधिग्रहित करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दस्तावेजों में कई लोगों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं तथा तत्कालीन सरपंच के नाम का भी दुरुपयोग किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा की वास्तविक सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कथित फर्जी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

घटना के बाद क्षेत्र में माहौल गर्म बना हुआ है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button