
रायगढ़ पुलिस ने महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे विशेष ‘अभियान संवेदना’ के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। चक्रधरनगर पुलिस ने 14 वर्षीय गुम नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को ओडिशा के झारसुगुड़ा से गिरफ्तार कर अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 31 मई 2026 को चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 14 वर्षीय पुत्री 30 मई को दवा लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर लगातार तलाश के बाद 11 जून को पुलिस ने बालिका को ट्रांसपोर्ट नगर जूटमिल क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज कराया गया और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के माध्यम से काउंसलिंग कराई गई।
जांच में सामने आया कि रायगढ़ के रामभांठा निवासी 23 वर्षीय साहिल एक्का बालिका को उसके परिजनों की जानकारी और सहमति के बिना अपने साथ ले गया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 18 भी जोड़ी। हालांकि जांच के दौरान बालिका ने दुष्कर्म जैसी किसी घटना से इंकार किया। आरोपी के झारसुगुड़ा में होने की सूचना पर चक्रधरनगर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि ‘अभियान संवेदना’ के तहत गुमशुदा बच्चों की सुरक्षित वापसी और उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।




