
बलरामपुर जिले में वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की संयुक्त टीम ने हाथी दांत तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला में छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से तीन नग हाथी दांत के जबड़े बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशन और बलरामपुर वन मंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में 3 अगस्त को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, राज्य उड़नदस्ता रायपुर और बलरामपुर वन विभाग की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित आमंत्रण धर्मशाला में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक बैग की तलाशी लेने पर तीन नग हाथी दांत के जबड़े बरामद किए गए।

मौके से झारखंड के पलामू निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा तथा रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता और सतेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की तस्करी और अवैध व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बाइट:
अनिल पैकरा, एसडीओ (वन विभाग)
हाथी दांत तस्करी के इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और तस्करी की कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।




