
रक्तदान और मानव सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित, हजारों लोगों को किया स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित
रायगढ़। रक्तदान और निस्वार्थ मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायगढ़ पुलिस के आरक्षक रवि श्रीवास को प्रतिष्ठित ‘छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल परिसर में हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन द्वारा आयोजित समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के हाथों प्रदान किया गया।
समारोह में आरक्षक रवि श्रीवास को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज सेवा, रक्तदान, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेशभर के समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।
आरक्षक रवि श्रीवास पुलिस सेवा के साथ-साथ लंबे समय से श्री साईं रक्तदान समिति के माध्यम से रक्तदान और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने स्वयं नियमित रक्तदान करने के साथ हजारों युवाओं और नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने, आपातकालीन परिस्थितियों में रक्तदाताओं का नेटवर्क तैयार करने और रक्तदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रवि श्रीवास के प्रयासों से अनेक दुर्घटना पीड़ितों, गंभीर मरीजों, प्रसूताओं और थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सका है। रक्तदान के अलावा वे सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता, युवा जागरूकता कार्यक्रमों और विभिन्न सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
आरक्षक रवि श्रीवास ने इस सम्मान का श्रेय अपने सहयोगियों, स्वैच्छिक रक्तदाताओं और श्री साईं रक्तदान समिति के सभी सदस्यों को दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वे रक्तदान जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाते हुए जरूरतमंद मरीजों की सहायता और समाज सेवा का कार्य पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ जारी रखेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन में रायगढ़ पुलिस सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। रवि श्रीवास को मिला यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि रायगढ़ पुलिस की संवेदनशील और जनसेवी कार्यशैली का भी प्रतीक माना जा रहा है।




