
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर में आदिवासी की जमीन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि आदिवासी परिवारों की जमीन कथित तौर पर फर्जी तरीके से अपने नाम कराई गई, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले को लेकर सात अगस्त को एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
प्रतापपुर क्षेत्र में आदिवासी जमीन के कथित फर्जीवाड़े को लेकर विरोध तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश राम बुंकर ने कलेक्टर सूरजपुर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि सचिन अग्रवाल ने आदिवासी परिवारों को गुमराह कर उनकी जमीन अपनी पत्नी संध्या अग्रवाल के नाम रजिस्ट्री कराई। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी कई बार प्रशासन और पुलिस से की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

ज्ञापन के अनुसार, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लगातार कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इसी के विरोध में सात अगस्त को सुबह ग्यारह बजे प्रतापपुर एसडीएम कार्यालय के सामने रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
आवेदन में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सवाल यह है कि आदिवासी जमीन से जुड़े इतने गंभीर आरोपों के बावजूद आखिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों तक पहुंचेगा, या फिर शिकायतकर्ताओं को आंदोलन का रास्ता ही अपनाना पड़ेगा? अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और सात अगस्त को होने वाले धरना-प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

बाइट 1 सुरेश राम बुनकर सामाजिक कार्यकर्ता




