
सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। डुमरिया से केवरा होते हुए भैयाथान पहुंच मार्ग पर करीब 15 लाख रुपये की लागत से बना रपटा पुल पहली ही बारिश में बह गया। हैरानी की बात यह है कि पुल का निर्माण पूरा हुए अभी महज 15 दिन ही हुए थे। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
ये तस्वीरें भैयाथान क्षेत्र के डुमरिया-केवरा मार्ग की हैं। लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया रपटा पुल पहली ही तेज बारिश का सामना नहीं कर सका और पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त होकर बह गया। पुल टूटने से क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। इसके बावजूद पहली ही बारिश में पुल का बह जाना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है।
आवागमन बहाल करने के लिए ग्रामीणों और युवाओं ने आपसी सहयोग से अस्थायी अप्रोच रोड तैयार की, लेकिन लगातार बारिश के कारण वह भी चार से पांच दिनों के भीतर बह गई। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
फिलहाल ग्रामीण निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब तक मिल पाती है।




