
रायगढ़ पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल और कोतवाली-चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 5 बाइक चोरों और चोरी की बाइक खरीदने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने करीब एक लाख रुपये कीमत की तीन चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि अब चोरी करने वालों के साथ चोरी का माल खरीदने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि सत्तीगुड़ी चौक निवासी आयुष दास महंत चोरी की बाइक चला रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग स्थानों से तीन मोटरसाइकिलें चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी की बजाज CT-100 और हीरो ग्लैमर मोटरसाइकिलों को बेहद कम कीमत पर अलग-अलग लोगों को बेच दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर खरीदारों के घर दबिश देकर दोनों बाइक बरामद कर ली, जबकि तीसरी होंडा SP-125 पहले ही मुख्य आरोपी के कब्जे से जब्त कर ली गई थी।
जांच के दौरान चोरी की बाइक खरीदने वाले दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ चोरी का माल खरीदने, छिपाने और अपराध में सहभागिता की धाराएं जोड़ते हुए कार्रवाई की है। सभी सात आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

बाइट:
अनिल कुमार सोनी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रायगढ़
“रायगढ़ पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रही है। चोरी करने वाले ही नहीं, बल्कि चोरी की संपत्ति खरीदने वाले भी समान रूप से कानून के दायरे में लाए जाएंगे। ऐसे अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
रायगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना वैध दस्तावेजों के कोई भी वाहन या अन्य सामान न खरीदें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी का माल खरीदना भी कानूनन अपराध है। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों और ऐसे गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




