
कोरबा जिले के SECL गेवरा परियोजना में वेतन भुगतान में देरी को लेकर ठेका श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। करीब 150 श्रमिकों ने श्रमिक चौक पर छह घंटे तक प्रदर्शन करते हुए कंपनी प्रबंधन और SECL के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रमिकों का आरोप है कि जून माह का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वेतन नहीं मिलने के विरोध में पिछले पांच दिनों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।

गेवरा परियोजना में SILO और CHP निर्माण कार्य कर रही बंसल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 150 ठेका श्रमिक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक श्रमिक चौक पर धरने पर बैठे रहे। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन और SECL के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समय पर वेतन भुगतान की मांग की।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि जून महीने का वेतन तय समय सीमा के बावजूद अब तक नहीं मिला। उनका दावा है कि दो माह पहले CGM कार्यालय में हुए समझौते के अनुसार हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इस बार भी वादा पूरा नहीं किया गया।

श्रमिकों ने बताया कि जुलाई-अगस्त में बच्चों की स्कूल फीस, खेती-किसानी, बिजली बिल, गैस सिलेंडर और घरेलू खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
श्रमिकों के अनुसार जब उन्होंने कंपनी प्रबंधन से दोबारा बात की, तो उन्हें कहा गया कि “जब भुगतान आएगा, तब काम पर आना।” इसके बाद विरोध स्वरूप पिछले पांच दिनों से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।

प्रदर्शन के बाद श्रमिकों ने SECL के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य प्रभावित होने या किसी भी प्रकार के नुकसान की जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और SECL की होगी।
फिलहाल इस मामले की जानकारी दीपका थाना, CISF गेवरा और कटघोरा विधायक कार्यालय को भी दे दी गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि श्रमिकों की लंबित मजदूरी का भुगतान कब तक होता है और SECL प्रबंधन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है।




