
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित कोसमनारा आज श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां तपस्यारत बाबा सत्यनारायण वर्षों से कठोर साधना में लीन बताए जाते हैं।
बाबा सत्यनारायण 16 फरवरी 1998 से कोसमनारा में तपस्या कर रहे हैं।
कड़ी धूप, बारिश और ठंड के बीच बाबा की तपस्या लोगों के लिए श्रद्धा और कौतूहल का विषय बनी हुई है। दूर-दराज से श्रद्धालु कोसमनारा पहुंचकर बाबा के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना करते हैं।



बाबा सत्यनारायण का जीवन बचपन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति से जुड़ा बताया जाता है। रायगढ़ के कोसमनारा में उनकी तपस्या के कारण यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
हमारे रिपोर्टर राम नगारची और अमन सोनी के साथ देखिये रायगढ़ जिले से कोसमनारा की खास खबर

पीटीसी = राम नगारची
रायगढ़ का कोसमनारा… जहां वर्षों से तपस्या में लीन बाबा सत्यनारायण श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं। मौसम की कठिन परिस्थितियों के बावजूद बाबा की साधना जारी रहने की बात कही जाती है। यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा के दर्शन करते हैं। कोसमनारा आज रायगढ़ की धार्मिक पहचान में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।




