
लोकेशन – कोरबा, छत्तीसगढ़ /रिपोर्टर – सरोज रात्रे
कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनगुढ़ा और सोनपुरी में योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई अधूरे मकानों को शासकीय रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शा दिया गया है, जबकि कुछ हितग्राहियों को निर्धारित भुगतान तक नहीं मिला है।


ग्राम पंचायत सोनगुढ़ा में मौके पर कई आवास अधूरे पाए गए, लेकिन दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण बताया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आवास की किस्तों और भुगतान संबंधी पूरी जानकारी भी नहीं दी गई। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।


वहीं ग्राम पंचायत सोनपुरी में हितग्राहियों ने मनरेगा मद से मिलने वाले भुगतान में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके मकान पूरी तरह बन चुके हैं और जियो टैगिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें पूर्ण भुगतान नहीं मिला है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है? क्या हितग्राहियों के अधिकारों और सरकारी राशि के साथ खिलवाड़ हुआ है?
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।




