
छत्तीसगढ़ में सरकार के खिलाफ सहकारी समिति कर्मचारियों और धान खरीदी केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। रायपुर के तूता में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और रैली निकालकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन पूरे प्रदेश में और उग्र किया जाएगा।



छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ और समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर के तूता में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी, प्रबंधक, महिला कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर इसमें शामिल हुए। कोरबा जिले से भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने आंदोलन में भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था उनके भरोसे संचालित होती है, फिर भी उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
धरना प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “हल्ला बोल”, “हमारी मांगे पूरी करो” और “वादे निभाओ” जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने शासन के नाम ज्ञापन सौंपा और शीघ्र मांगें पूरी करने की मांग की।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुए अपनी मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है और कर्मचारियों की मांगों पर कब तक निर्णय लेती है।




