
कोरबा जिले के कुसमुंडा में रोजगार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने SECL के मुख्य महाप्रबंधक (GM) कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रबंधन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।


कुसमुंडा और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय का घेराव करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और प्रभावित गांवों के लोगों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि खदान और परियोजनाओं से सबसे अधिक प्रभावित होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और SECL प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
घेराव के दौरान पूरे परिसर में प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगा रहा। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन से जल्द ठोस और सकारात्मक निर्णय लेने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
फिलहाल सभी की निगाहें SECL प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि स्थानीय युवाओं की रोजगार संबंधी मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है और प्रदर्शन का क्या परिणाम सामने आता है।




