हेल्थ

लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है मानसून का मौसम, जानें इस खतरे से खुद को कैसे बचाएं, क्या कहते हैं एक्सपर्ट

लिवर शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. यह शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने, ब्लड सर्कुलेशन को सही रखने और पाचन को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है. हालांकि, जहां बहुत से लोग अपने दिल और किडनी को स्वस्थ रखने का पूरा ध्यान रखते हैं, वहीं वे अक्सर लिवर की सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस लापरवाही से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को खासकर मॉनसून के मौसम में, अपने लिवर की सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए.

मानसून गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही सेहत से जुड़े जोखिम भी लाता है. उमस भरा मौसम और दूषित खाना या पानी आपके लिवर और पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकते हैं. आइए जानें कि मॉनसून के दौरान आप अपने लिवर की सेहत की रक्षा कैसे कर सकते हैं और मौसम से जुड़ी आम बीमारियों से कैसे बच सकते हैं…

मानसून लीवर स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है?
मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही पाचन से जुड़ी समस्याओं, खासकर लिवर की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. दूषित खाना और पानी इसके मुख्य कारण हैं, जिससे हेपेटाइटिस A और E के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होती है. सड़क किनारे मिलने वाला खाना, पहले से कटे हुए फल, या खराब क्वालिटी की बर्फ या पानी से बने ड्रिंक्स लेने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर इलाज न कराया जाए, तो हेपेटाइटिस A और E सेहत पर गंभीर असर डाल सकते हैं. इन संक्रमणों से अचानक लिवर फेल हो सकता है, जिससे लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है. पीलिया (जिसमें त्वचा और आंखें पीली पड़ जाती हैं) इसका एक आम लक्षण है और यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचने का संकेत देता है.

मानसून का मौसम उमस भरी गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ा देता है, खासकर लिवर से जुड़े इन्फेक्शन का. ज्यादा उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव हमारे पाचन तंत्र पर बुरा असर डाल सकते हैं, इसलिए, इस दौरान लिवर की सेहत पर खास ध्यान देना बहुत जरूरी है. मानसून में अपने लिवर को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए इन जरूरी सुझावों का पालन करें…

मानसून के मौसम में अपने लिवर को हेल्दी रखने के लिए इन सुझावों को अपनाएं

  • हमेशा ताजा और साफ-सुथरा खाना ही खाएं- मॉनसून के दौरान सड़क किनारे मिलने वाला खाना या बासी खाना भले ही आकर्षक लगे, लेकिन उनमें अक्सर बैक्टीरिया और फंगस होते हैं जिनसे फूड पॉइजनिंग या हेपेटाइटिस हो सकता है. इसलिए, इस मौसम में घर का बना खाना ही खाएं और कच्चा या अधपका खाना न खाएं. सब्जियों को अच्छी तरह धोएं और उन्हें सही तरीके से स्टोर करें. अगर आपको लगातार पेट फूलने, जी मिचलाने या पाचन धीमा होने जैसी समस्या हो, तो ये लिवर पर ज्यादा दबाव पड़ने के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
  • साफ पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें- राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय के अनुसार, मानसून के दौरान लिवर में इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण दूषित पानी होता है. इसलिए, सिर्फ फिल्टर किया हुआ या उबला हुआ पानी ही पिएं. घर से बाहर निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखें. डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से लिवर के काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है, इसलिए उमस भरे मौसम में भी पानी पीते रहें.
  • फैटी और प्रोसेस्ड फूड कम खाएं- अगर आपको फैटी लिवर की समस्या है या इसके लक्षण दिख रहे हैं, तो फैटी और प्रोसेस्ड फ़ूड कम कर दें, बेहतर होगा कि इस मौसम में इनसे पूरी तरह परहेज करें.
  • जरूरत से ज्यादा दवा लेने से बचें- मौसम बदलने पर होने वाली एलर्जी, सर्दी या बुखार के लिए खुद से दवा लेने से आपके लिवर को नुकसान हो सकता है. पैरासिटामोल और एंटीबायोटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल लिवर में सूजन का कारण बन सकता है. दवा लेने से पहले हमेशा किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें.
  • ब्लड शुगर और थायरॉइड लेवल को कंट्रोल में रखें- डायबिटीज या थायरॉइड की समस्या वाले लोगों को लिवर से जुड़ी दिक्कतें होने का खतरा ज्यादा होता है. खासकर मौसम बदलने के दौरान, अगर ब्लड शुगर या थायरॉइड हार्मोन का लेवल ठीक से मैनेज न किया जाए, तो फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है और लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया धीमी हो सकती है.
  • सही पोषक तत्वों से इम्यूनिटी मजबूत करें- लिवर की सेहत का सीधा संबंध आपके इम्यून सिस्टम से है. विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर संतुलित आहार लेकर अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं. मानसून के मौसम में हल्दी, लहसुन और आंवला खास तौर पर फायदेमंद होते हैं.
  • शराब और स्मोकिंग से बचें – मॉनसून के मौसम में आराम करना और मजे करना अच्छा लग सकता है, लेकिन शराब और स्मोकिंग लिवर के काम करने की क्षमता पर बुरा असर डाल सकते हैं, खासकर तब जब आपकी इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर हो. अपने लिवर को आराम देने के लिए इन चीजों का सेवन कम करें या पूरी तरह बंद कर दें.

अगर आपको आंखों का पीला पड़ना, थकान, खुजली या पेशाब या मल के रंग में बदलाव दिखे, तो ये लिवर की समस्या के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. इन्हें नजरअंदाज न करें. जानकारों का कहना है कि सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, प्रोसेस्ड शुगर, शराब और कुछ दवाओं का ज्यादा सेवन लिवर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है.क्लीवलैंडक्लिनिक के अनुसार, लिवर की बीमारी वाले लोगों में अक्सर पेट दर्द, पैरों में सूजन, आसानी से चोट के निशान पड़ना, मल और पेशाब के रंग में बदलाव और पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना) जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, हालांकि कभी-कभी कोई लक्षण दिखाई नहीं भी दे सकता है.

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी हेल्थ जानकारी और सुझाव सिर्फ आपकी समझ के लिए हैं. यह जानकारी साइंटिफिक रिसर्च, स्टडीज और मेडिकल और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह के आधार पर दी जा रही है. हालांकि, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है.)

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button