
लोकेशन: बालोद / रिपोर्टर: खिलावन चंद्राकर
छत्तीसगढ़ के बालोद जिला निवासी शिक्षिका जो कि कांकेर जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पूरी में पदस्थ है। उनसे जुड़ा विभागीय अवैध वसूली मामला अब शिक्षिका के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।अधिकारियों के सेवा शर्त की वजह से किसी कर्मचारी के खिलाफ कठोर आर्थिक कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता।विभाग द्वारा संबंधित शिक्षिका पर बड़ी राशि की वसूली के साथ वेतन कटौती और प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई थी।






इसके खिलाफ शिक्षिका ने न्यायालय में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि संबंधित भुगतान प्रशासनिक त्रुटियों का बोझ कर्मचारियों पर डालना न्यायसंगत नहीं है।उच्च न्यायालय ने विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए वसूली गई राशि वापस करने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा बढ़ गई है। लोग मांग कर रहे हैं कि शिक्षा विभाग भविष्य में पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निर्णय ले।




