
कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खम्हरिया में भ्रष्टाचार और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पंचायत के उपसरपंच ने सरपंच और सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं तथा मनमानी का आरोप लगाते हुए पंचायत के कामकाज की जानकारी पाने के लिए सूचना का अधिकार यानी RTI का सहारा लिया है। मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्राम पंचायत खम्हरिया के उपसरपंच प्रेमचंद बंजारे का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णयों, निर्माण कार्यों और शासकीय राशि के उपयोग की जानकारी उन्हें और अन्य पंचों को नहीं दी जाती।


उपसरपंच के अनुसार पंचायत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं है और संवैधानिक पद पर होने के बावजूद उन्हें पंचायत की गतिविधियों से दूर रखा जा रहा है। इसी वजह से उन्हें जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की प्रक्रिया को दरकिनार कर योजनाएं तैयार की जा रही हैं और विकास कार्यों में मनमाने तरीके से फंड का उपयोग किया जा रहा है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन एवं जनपद पंचायत से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का जवाब और प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

बाइट:
प्रेमचंद बंजारे, उपसरपंच, ग्राम पंचायत खम्हरिया




