
दुर्ग-धमधा रोड पर लूट के दौरान हुई हत्या के सनसनीखेज मामले का दुर्ग पुलिस ने महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया है। चौकी जेवरा सिरसा और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर एक आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक, धारदार हथियार और लूटी गई नगदी भी बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार 2 अगस्त की देर रात चोवाराम लोधी अपने साथियों भूषण पटेल और प्रकाश सिंह कश्यप के साथ मोटरसाइकिल से शंकराचार्य अस्पताल जा रहे थे। दुर्ग-धमधा रोड स्थित जय गजानंद ट्रक श्रृंगार के सामने काले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल पर सवार चार युवकों ने उनकी बाइक रोक ली।

आरोपियों ने पहले विवाद किया और फिर डंडों से हमला कर मोबाइल और नगदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर एक आरोपी ने प्रकाश सिंह कश्यप पर धारदार हथियार से कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर घटनास्थल से लेकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पूछताछ में आरोपियों ने वारदात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई नगदी बरामद कर जब्त की गई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी देर रात सुनसान सड़कों पर राहगीरों को रोककर लूटपाट करते थे और विरोध करने पर हमला कर फरार हो जाते थे। इस मामले में 19 वर्षीय आदर्श उर्फ लाल सहित तीन विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

बाइट:
दुर्ग पुलिस अधिकारी (यदि उपलब्ध हो)




