
बस्तर में लगातार हो रही बारिश ने प्राकृतिक सौंदर्य को नया रूप दे दिया है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान स्थित विश्व प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। ऊंची पहाड़ियों से गिरती दूधिया जलधारा और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से भी बड़ी संख्या में सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस और पर्यटन समिति की टीमें भी लगातार तैनात हैं।
मानसून की बारिश के बाद बस्तर का तीरथगढ़ जलप्रपात अपने रौद्र और मनमोहक स्वरूप में दिखाई दे रहा है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित यह प्रसिद्ध जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
ऊंची पहाड़ियों से तेज़ वेग से गिरती दूधिया जलधारा, चारों ओर फैली हरियाली और झरने की गूंज पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब होने का अहसास करा रही है। हर दिन छत्तीसगढ़ के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
पर्यटकों का कहना है कि तीरथगढ़ की जितनी खूबसूरती उन्होंने तस्वीरों और सोशल मीडिया पर देखी थी, वास्तविक दृश्य उससे कहीं अधिक आकर्षक और मनमोहक है। कई पर्यटक पहली बार बस्तर पहुंचे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता से अभिभूत नजर आए।
पर्यटकों की बढ़ती भीड़ और जलप्रपात में तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। दरभा थाना पुलिस के जवान सुबह से शाम तक मौके पर तैनात रहकर पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों से जलप्रपात देखने की सलाह दे रहे हैं। वहीं पर्यटन समिति की टीम भी लगातार लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है।
अधिक जलस्तर के कारण कुछ समय के लिए जलप्रपात को पर्यटकों के लिए बंद किया गया था, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा खोल दिया गया है।
मानसून के इस सुहाने मौसम में तीरथगढ़ जलप्रपात एक बार फिर बस्तर पर्यटन की पहचान बनकर देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यदि मौसम अनुकूल रहा तो आने वाले दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

बाइट-1: मनोज शाह, पर्यटक (कोलकाता)

बाइट-2: रजत गुप्ता, पर्यटक (रायपुर)

बाइट-3: संजीव कश्यप, सुरक्षा जवान




