कोरबाछत्तीसगढ़

सुशासन शिविर में ACB की कार्रवाई

रिपोर्टर :सरोज रात्रे / लोकेशन :पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा

एक ओर सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में आयोजित समाधान शिविर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने बीईओ कार्यालय में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद पूरे शिविर में हड़कंप मच गया।

मामला पोड़ी बीईओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 प्रदीप मिश्रा से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल की जीपीएफ पासबुक में कटौती की एंट्री करने के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान शिक्षक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर से की।

शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। तुमान में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर के दौरान जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने आरोपी कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी के डीएसपी अजीत सिंह ने किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से समाधान शिविर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार आरोपी कर्मचारी का नाम पूर्व में भी वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। अब एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है और रिश्वतखोरी का यह नेटवर्क कितना व्यापक है।

जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगाए गए सुशासन शिविर में रिश्वतखोरी का मामला सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह केवल एक कर्मचारी की करतूत है या फिर भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी हैं? इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

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